चंद्रपुर ५०० वर्ष से अधिक की ऐतिहासिक परंपरावाला शहर है। यहां बौध्द संस्कृति, हेमाडपंथ के स्थापत्य और गोंड राजाओं के अद्भूत निर्माण के प्रमाण आज भी इसकी प्राचीनता का प्रमाण देते डंटे दिखते है। स्वाधिनता आंदोलन के दौरान चिमूर क्रांती तो स्वाधिनता के बाद बाबासाहब आंबेडकर की दिक्षाक्रांती के अध्याय के बीच ही जैन धर्मियों का शतक पार करनेवाला मंदिर और भद्रावती में बसा जैनों का … [Read more...]
मानव सेवा के सुनहरे पन्ने लिख रहे शिंदे
सेवा के लिए नाम की, रुतबे की या पैसों की भी जरुरत नहीं। मन में नेकी और आदर्शपथ पर चलने की तैयारी ही साधारण मनुष्य को सेवाभावी बना देती है। कुछ ऐसी ही कहानी है चंद्रपुर के एक गाडगेबाबा के सच्चे अनुयायी की। सुभाष तुकाराम शिंदे पारंपारिक व्यवसाय में ना पडते हुए विशिष्ट समुदाय के सोने-चांदे के प्रतिष्ठान को साकार कर लिया। जीवन के एक कठिण प्रसंग ने दुनिया की और जीवन की भी अंतिम … [Read more...]
अंग्रेजी स्कुलों को छोड सरकारी स्कुलों में आ रहे छात्र
चंद्रपुर की शिक्षा में नये नये प्रयोगों से आकर्षित हो रहे पालक जनसहभागिता से डिजीटल कक्षा और नित नये प्रयोगों में उच्च प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग के कारण चंद्रपुर जिले की जिला परिषद की सरकारी शालाओं का स्तर बदल रहा है। यहां अंग्रेजी स्कुलों को छोड कर पालक अपने पाल्यों को सरकारी स्कुलों में दाखिला दिला रहे है। एज्युकेशन हब की ओर तेजी से कूंच कर रहे चंद्रपुर के लिए यह बात … [Read more...]
रक्त के दानवीर ने द्विशतक पार कर बनाए खून के रिश्ते
आज कल खून के रिश्ते भी विविध कारणों से कटू होते जा रहे है। ऐसे में भला कोई अनजान आदमी किसी भी तरह का कोई भेदभाव ना करते हुए अपने खून से किसी की जान कैसे बचा लेता है? यह मानविय संवेदना का सर्वोच्च अविष्कार है। चंद्रपुर में रक्तदान आंदोलन की नींव रखनेवाले और ६६ वर्ष की आयू में २११ बार रक्तदान कर चुके सत्यनाराण तिवारी ने अब तक सैंकडों अजनबियों से खून के रिश्ते जोडे है। चंद्रपुर … [Read more...]
एमएडी फैक्ट्री के माध्यम से कलाकार बना रहे अनिरुध्द वनकर
बाबासाहब आंबेडकर के विचारों से प्रभावित होकर सामाजिक प्रबोधन हेतू लोकगीतों से जनजागरण करनेवाले अनिरुध्द वनकर अब आम गायक या कलाकार नहीं रहे है। उन्होने फिल्मों में दस्तक दे दी है। कई लोकप्रिय एल्बम्स् उनके नाम है। कई लोकप्रिय गानों को उनके नाम से गुनगुनाया जाता है। झाडीपट्टी में उनकी अलग पहचान है। यहां के कलाकारों को तकनिकी और सभी दृष्टि से प्रशिक्षित कर बडी संख्या में उन्हे … [Read more...]
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